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अमेरिका ने 75 देशों की इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग पर लगाई रोक, भारत सूची से बाहर

15/01/2026  Shiva ji  31 views
अमेरिका ने 75 देशों की इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग पर लगाई रोक, भारत सूची से बाहर

अमेरिका ने 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग पर रोक लगाई, भारत का नाम नहीं — ट्रंप प्रशासन का बड़ा निर्णय

अमेरिका ने विश्व स्तर पर इमिग्रेशन नीति में एक बड़ा बदलाव किया है और 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा (स्थायी निवास व श्रेणी वीजा) प्रोसेसिंग को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है। यह निर्णय अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) द्वारा 14 जनवरी 2026 को लिया गया था और 21 जनवरी से लागू होने जा रहा है, जब तक विभाग अपनी स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन पूरा नहीं कर लेता। इस फैसले का उद्देश्य उन आवेदकों पर कड़ी निगरानी रखना बताया जा रहा है जिन्हें अमेरिका में पहुंचने के बाद सरकारी सहायता या वेलफेयर पर निर्भर रहने का जोखिम अधिक माना जाता है।

इस सूची में शामिल 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर रोक लगेगी और नए वीजा जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि यह रोक नॉन-इमिग्रेंट वीजा, जैसे टूरिस्ट, बिजनेस या स्टूडेंट वीजा पर तुरंत लागू नहीं होगी, लेकिन सभी आवेदकों को अब और अधिक सख्त स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सूची में भारत का नाम शामिल नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिकों पर इस रोक का सीधा असर नहीं होगा।

75 देशों की लिस्‍ट: वे देश जिनके नागरिकों के वीजा प्रोसेसिंग रोकी गई

अमेरिका द्वारा जारी रोक में जिन 75 देशों के नागरिक शामिल हैं, उनमें अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan), अल्बानिया (Albania), अल्जीरिया (Algeria), एंटीगुआ और बारबुडा (Antigua and Barbuda), आर्मेनिया (Armenia), अज़रबैजान (Azerbaijan), बहामास (Bahamas), बांग्लादेश (Bangladesh), बारबाडोस (Barbados), बेलारूस (Belarus), बेलाइज़ (Belize), भूटान (Bhutan), बोस्निया (Bosnia), ब्राज़ील (Brazil), बर्मा (म्यांमार / Burma), कंबोडिया (Cambodia), कैमरून (Cameroon), केप वर्डे (Cape Verde), कोलंबिया (Colombia), कोट डी आइवोअर (Côte d’Ivoire), क्यूबा (Cuba), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic Republic of the Congo), डोमिनिका (Dominica), मिस्र (Egypt), इरिट्रिया (Eritrea), इथियोपिया (Ethiopia), फ़िजी (Fiji), गाम्बिया (Gambia), जॉर्जिया (Georgia), घाना (Ghana), ग्रेनेडा (Grenada), ग्वाटेमाला (Guatemala), गिनी (Guinea), हैती (Haiti), ईरान (Iran), इराक (Iraq), जमैका (Jamaica), जॉर्डन (Jordan), कज़ाख़स्तान (Kazakhstan), कोसोवो (Kosovo), कुवैत (Kuwait), किर्गिज़स्तान (Kyrgyzstan), लाओस (Laos), लेबनान (Lebanon), लाइबेरिया (Liberia), लीबिया (Libya), मैसेडोनिया (North Macedonia), मोल्दोवा (Moldova), मंगोलिया (Mongolia), मोंटेनेग्रो (Montenegro), मोरक्को (Morocco), नेपाल (Nepal), निकारागुआ (Nicaragua), नाइजीरिया (Nigeria), कांगो गणराज्य (Republic of the Congo), रूस (Russia), रवांडा (Rwanda), सेंट किट्स और नेविस (Saint Kitts and Nevis), सेंट लूसिया (Saint Lucia), सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस (Saint Vincent and the Grenadines), सेनेगल (Senegal), सिएरा लियोन (Sierra Leone), सोमालिया (Somalia), दक्षिण सूडान (South Sudan), सूडान (Sudan), सीरिया (Syria), तंज़ानिया (Tanzania), थाईलैंड (Thailand), टोगो (Togo), ट्यूनीशिया (Tunisia), युगांडा (Uganda), उरुग्वे (Uruguay), उज़्बेकिस्तान (Uzbekistan) और यमन (Yemen) शामिल हैं।

इन देशों के नागरिक अब इमिग्रेंट वीजा (जैसे ग्रीन कार्ड श्रेणी) के लिए आवेदन प्रक्रिया में बाधा का सामना करेंगे, क्योंकि स्टेट डिपार्टमेंट उन आवेदकों की पृष्ठभूमि, वित्तीय स्थिति, और संभावित सार्वजनिक सहायता पर निर्भरता के आधार पर पुनः मूल्यांकन करेगा।

रोक का कारण और सरकारी दृष्टिकोण

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि यह रोक उन आवेदकों को रोकने के प्रयास का हिस्सा है जिन्हें अमेरिका पहुँचने के बाद “पब्लिक चार्ज” — यानी सरकारी सामाजिक सहायता और बेनिफिट कार्यक्रमों पर निर्भर रहने की संभावना — माना जाता है। इस तरह के नियमों के पीछे यह तर्क है कि आवेदकों की स्क्रीनिंग अधिक सख्ती से करने पर यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अमेरिका में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करें।

यह कदम ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन नीतियों का हिस्सा है, जिसमें अप्रवासी वीजा प्रक्रिया पर नियंत्रण, ग्रीन कार्ड लॉटरी कार्यक्रम का निलंबन और अन्य यात्रा प्रतिबंध भी शामिल रहे हैं।

विजिट और नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर क्या असर?

यह निर्णय विशेष रूप से इमिग्रेंट वीजा (स्थायी निवास से जुड़े वीजा) के लिए है, जिसका मतलब है कि पर्यटक, अध्ययन (स्टूडेंट) या व्यापार संबंधी वीजा प्रक्रियाएं फिलहाल जारी रहेंगी। हालांकि इस दौरान उन आवेदकों पर अतिरिक्त जांच और कठोर स्क्रीनिंग लागू होगी, जिससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक जटिल हो सकती है।

भारत पर क्या असर?

इस बड़े फैसले में यह ध्यान देने योग्य है कि भारत का नाम उन 75 देशों में नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिकों पर इसका सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत के नागरिक इमिग्रेंट वीजा के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं, जब तक कोई आगे नया बदलाव नहीं होता।

वैश्विक राजनीति और संभावित प्रतिक्रियाएँ

इस रोक निर्णय से विश्व स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई देशों ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं कि इस तरह का कदम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आव्रजन नीतियों को प्रभावित कर सकता है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आव्रजन नियंत्रण का एक कठोर पहलू है और इससे प्रभावित देशों के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।

यह भी देखा गया है कि इस फैसले के बाद कुछ अमेरिकी राजनयिक और विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि चीन जैसे बड़े आर्थिक साझेदारों के खिलाफ भी इसी तरह की नीतियां लागू होनी चाहिए; हालांकि फिलहाल ऐसी किसी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

निष्कर्ष

अमेरिका द्वारा 75 देशों की इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग पर रोक एक ऐतिहासिक और व्यापक कदम माना जा रहा है, जो जनवरी 21 से प्रभावी होगा। यह रोक उन आवेदकों को रोकने के उद्देश्य से लगाई जा रही है जिन्हें पब्लिक सहायता पर निर्भर रहने की संभावना माना जाता है। इस सूची में रूस, इरान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नाइजीरिया और कई अन्य देश शामिल हैं, लेकिन भारत का नाम इस लिस्ट में नहीं है, जिससे भारतीय आवेदकों को फिलहाल राहत मिली है।


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