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बेतिया नगर निगम में सियासी टकराव तेज, महापौर गरिमा सिकारिया ने लगाए भ्रष्टाचार दबाने के आरोप

04/01/2026  Ravishankar Kumar  402 views

बेतिया नगर निगम बोर्ड की लगभग सात घंटे तक चली बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन इस बैठक के बाद शुरू हुआ सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। बैठक के बेनतीजा रहने की जिम्मेदारी खुद पर डाले जाने के बाद नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने खुलकर पलटवार किया है और सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

महापौर गरिमा सिकारिया ने कहा कि बेतिया नगर निगम में पूर्व में हुए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को दबाने के लिए कुछ ताकतें एकजुट हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बैठकों में जिन विषयों और प्रस्तावों को विधिवत पारित किया गया था, उन्हीं विषयों पर अब असंतुष्टि जताई जा रही है, लेकिन असंतुष्टि का कारण बताने से वही लोग इनकार कर रहे हैं, जिन पर नगर निगम के विकास की जिम्मेदारी है।

शुक्रवार को देर रात तक चली बैठक का हवाला देते हुए महापौर ने कहा कि ऐसे लोगों की संख्या अब एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों में सामने आ चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकतांत्रिक सदन में यदि अपने ही द्वारा पारित प्रस्तावों पर असहमति जताई जाती है, तो उसका ठोस कारण और नियमसंगत तर्क देना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद सदन की अध्यक्ष होने के नाते उनकी अपील को लगातार नजरअंदाज किया गया।

महापौर सिकारिया ने इस बात पर भी गंभीर सवाल उठाए कि उनके अनुरोध की अनदेखी करने वालों के समर्थन में सांसद और एक वरिष्ठ विधान पार्षद का एक सुर में बोलना अब नगर निगम क्षेत्र की जनता के लिए विचारणीय विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम नगर निगम के विकास को वर्षों से बाधित करने वाले उसी तंत्र की ओर इशारा करता है, जो पूर्व के घोटालों को दबाने की कोशिश कर रहा है।

महापौर ने दो टूक कहा कि नगर निगम के सदन और सशक्त स्थायी समिति के जिन दर्जनों प्रस्तावों को विधि सम्मत चर्चा, तर्क और घंटों की बहस के बाद पारित किया गया, उनकी असंपुष्टि केवल भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास है। अपने ही पुराने फैसलों और निर्णयों की अनदेखी करना और फिर ऐसे कदमों का समर्थन किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

गरिमा सिकारिया ने साफ किया कि नगर निगम के हितों के खिलाफ हो रहे इन कुत्सित प्रयासों को वह जनता के बीच जाकर उजागर करेंगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने उन्हें विकास की जिम्मेदारी सौंपी है और वह इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगी।

महापौर ने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार की बैठक रात नौ बजे के बाद समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर अधूरी और भ्रामक जानकारियां फैलाई गईं। पहले उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की गई और अब उन्हें तानाशाह बताने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में पूर्व से पारित विषयों की संपूष्टि के लिए उन पर घंटों दबाव बनाया गया, लेकिन एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कानून और नियम के पक्ष में अडिग रहना चुना।

महापौर गरिमा सिकारिया ने कहा कि उनका यह रुख किसी व्यक्तिगत लड़ाई का नहीं, बल्कि बेतिया नगर निगम क्षेत्र की जनता की जीत है, और इस लड़ाई का फैसला अब जनता स्वयं करेगी।


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