Adda Junction - Latest News, Blogs & Stories from India and Beyond | अड्डा जंक्शन – देश-दुनिया की ताज़ा खबरें और ब्लॉग्स

Header

नई दिल्ली 🏛️

Loading...

लखनऊ 🕌

Loading...

पटना 🏯

Loading...

collapse
...
Home / चंपारण / बिहार / राज्य / बेतिया / तेज प्रताप यादव का तंज: मंत्री दीपक प्रकाश पर बड़ा सवाल—क्या यह मोदी-नीतीश का जादू है?

तेज प्रताप यादव का तंज: मंत्री दीपक प्रकाश पर बड़ा सवाल—क्या यह मोदी-नीतीश का जादू है?

24/11/2025  Afroj alam  156 views

बिहार की राजनीति में एक बार फिर नए मंत्री दीपक प्रकाश चर्चा के केंद्र में हैं। पंचायती राज मंत्री के रूप में पदभार संभालते ही वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। विरोधी दलों ने उनके मंत्री बनने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि दीपक प्रकाश ने कोई चुनाव नहीं लड़ा था।

1000017297.jpg
Credit:- Social media 

इसी कड़ी में जनशक्ति जनता दल (JJD) के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल से एक पोस्ट करते हुए दीपक प्रकाश पर बड़ा तंज कसा है। तेज प्रताप ने लिखा—

“सासाराम में जमानत जब्त कराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नारायण पासवान के काउंटिंग एजेंट बने दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े मंत्री बन गए। है ना मोदी-नीतीश का जादू?”

तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि जिस उम्मीदवार के वे काउंटिंग एजेंट थे, उसकी जमानत तक जब्त हो गई, और खुद दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े मंत्री बन गए। तेज प्रताप ने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जादू” के रूप में व्यंग्यात्मक तौर पर पेश किया।

100001731
दीपक प्रकाश पर क्यों उठे सवाल?

दीपक प्रकाश, राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण के कारण बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बनाया गया।

2025 बिहार विधानसभा चुनाव में वे सासाराम सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी नारायण पासवान के काउंटिंग एजेंट थे। चुनाव परिणामों में नारायण पासवान को मात्र 327 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।

इस पूरे घटनाक्रम के कारण सोशल मीडिया पर दीपक प्रकाश को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।

1000017331.jpg

मंत्री बनने के बाद दीपक प्रकाश का रुख

पंचायती राज मंत्री के रूप में पदभार संभालते ही दीपक प्रकाश ने विभागीय कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत राज विभाग में रोजगार सृजन और स्थानीय विकास की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें गति देने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय होना होगा।

उन्होंने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उन्होंने बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

राजनीतिक माहौल गर्म

एक तरफ सत्ता पक्ष दीपक प्रकाश की नियुक्ति को पूरी तरह संवैधानिक बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे “राजनीतिक कृपा” कह रहा है। तेज प्रताप यादव का यह पोस्ट बिहार की चुनावी राजनीति में नए विवाद को हवा दे रहा है।


Share:

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy