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नरकटियागंज में विजय साह हत्याकांड से पहले पुलिस की लापरवाही उजागर, अनुसंधानकर्ता निलंबित

08/02/2026  Ravishankar thakur  48 views

नरकटियागंज में विजय कुमार उर्फ विजय साह हत्या कांड से पहले के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर, अनुसंधानकर्ता निलंबित

नरकटियागंज में विजय कुमार उर्फ विजय साह हत्याकांड ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या से पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में अनुसंधानकर्ता की कर्तव्यहीनता और लापरवाही सामने आने के बाद एसपी बेतिया ने कड़ा कदम उठाते हुए शिकारपुर थाना में पदस्थापित एसआई कन्हैया सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उन्हें पुलिस लाइन में उपस्थिति देने का आदेश दिया गया है।

मामला नरकटियागंज के शिवगंज वार्ड संख्या 07 निवासी विजय साह से जुड़ा है, जिन पर 29 नवंबर 2025 को चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और काफी समय तक इलाजरत रहे। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद भी विजय साह पूरी तरह सुरक्षित नहीं थे और हमलावरों की ओर से लगातार केस उठाने की धमकियां दी जा रही थीं। परिवार ने कई बार पुलिस को जान के खतरे की सूचना दी, लेकिन आरोप है कि अनुसंधानकर्ता एसआई कन्हैया सिंह ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

परिजनों का कहना है कि यदि चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस ने समय रहते सख्त कदम उठाए होते, आरोपियों पर कार्रवाई की गई होती और पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई होती, तो शायद विजय साह की जान बच सकती थी। लेकिन पुलिस की उदासीनता का नतीजा यह हुआ कि करीब दो महीने बाद, 31 जनवरी 2026 को, उन्हीं लोगों ने विजय साह को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि चाकू से हमला के मामले में एसआई कन्हैया सिंह ही अनुसंधानकर्ता थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि परिजनों द्वारा बार-बार खतरे की सूचना देने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही को देखते हुए एसपी बेतिया ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया।

विजय साह हत्याकांड की जांच अब तकनीकी स्तर पर आगे बढ़ चुकी है। पुलिस का दावा है कि हत्या के कारण और घटनाक्रम के काफी नजदीक वह पहुंच चुकी है। फिलहाल एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिकारपुर थाना के थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी मायावती देवी के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस कांड में आरोपी आजाद मियां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।

यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या का है, बल्कि यह पुलिस तंत्र में लापरवाही और जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विजय साह की हत्या ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि किसी पीड़ित द्वारा लगातार खतरे की सूचना दी जाए और पुलिस समय पर कार्रवाई न करे, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। एसआई कन्हैया सिंह का निलंबन इस बात का संकेत जरूर है कि पुलिस विभाग अब इस मामले को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार और आम जनता को अब भी न्याय की पूरी प्रक्रिया और सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का इंतजार है।


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