Adda Junction - Latest News, Blogs & Stories from India and Beyond | अड्डा जंक्शन – देश-दुनिया की ताज़ा खबरें और ब्लॉग्स

Header

नई दिल्ली 🏛️

Loading...

लखनऊ 🕌

Loading...

पटना 🏯

Loading...

collapse
...
Home / चंपारण / बिहार / राज्य / बेतिया / जीएमसीएच बेतिया में ‘दीदी की रसोई’ के दो साल पूरे, मरीजों को मिल रहा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन

जीएमसीएच बेतिया में ‘दीदी की रसोई’ के दो साल पूरे, मरीजों को मिल रहा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन

03/01/2026  Ravishankar Kumar  91 views
जीएमसीएच बेतिया में ‘दीदी की रसोई’ के दो साल पूरे, मरीजों को मिल रहा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन

मरीजों को मिल रहा स्वच्छ व पौष्टिक भोजन, महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल

बेतिया में स्वास्थ्य सेवा और आजीविका का अनूठा संगम

बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) परिसर में संचालित ‘दीदी की रसोई’ ने अपने सफल संचालन के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर दूसरा वर्षगांठ समारोह सादगी और उत्साह के साथ मनाया गया। नए वर्ष की शुरुआत के साथ यह पहल अपनी सेवा यात्रा के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। बीते दो वर्षों में दीदी की रसोई ने न केवल मरीजों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का भी एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दो वर्षों से मरीजों को निःशुल्क स्वच्छ और पौष्टिक भोजन

पिछले दो वर्षों से दीदी की रसोई अस्पताल में भर्ती मरीजों को नियमित रूप से स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही मरीजों के परिजनों और अस्पताल आने वाले आगंतुकों को भी उचित मूल्य पर स्वादिष्ट और साफ-सुथरा भोजन दिया जा रहा है। इससे अस्पताल परिसर में भोजन की एक भरोसेमंद और सुलभ व्यवस्था विकसित हुई है, जो मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

जीविका दीदियों की मेहनत से बनी सेवा की पहचान

दीदी की रसोई की शुरुआत दो वर्ष पूर्व की गई थी और तब से अब तक जीविका से जुड़ी दीदियां पूरी निष्ठा, अनुशासन और गुणवत्ता के साथ इस सेवा को आगे बढ़ा रही हैं। इन महिलाओं की मेहनत और समर्पण के कारण आज दीदी की रसोई अस्पताल परिसर में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है। वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सादे समारोह में जीविका दीदियों ने केक काटकर एक-दूसरे को बधाई दी और अपनी उपलब्धियों को साझा किया।

समारोह में अधिकारियों की मौजूदगी

वर्षगांठ कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक के साथ-साथ जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक श्री आर. के. निखिल, बेतिया सदर की प्रखंड परियोजना प्रबंधक श्रीमती आरुषि कुमारी, एरिया कोऑर्डिनेटर श्री अरविंद कुमार और जिला स्तर के सभी विषयगत प्रबंधक उपस्थित रहे। सभी ने दीदी की रसोई की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की सराहना की।

26 महिलाओं को मिला रोजगार, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

इस मौके पर जीविका के नॉन फार्म मैनेजर सोहेल राज ने बताया कि दीदी की रसोई से कुल 26 जीविका दीदियों को सीधे तौर पर रोजगार का साधन मिला है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिली है। यह पहल आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल और प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है।

स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक मॉडल

जिला परियोजना प्रबंधक श्री आर. के. निखिल ने दीदी की रसोई के सफल संचालन के लिए जीविका दीदियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह पहल और अधिक लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और अन्य स्थानों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।

दीदी की रसोई आज जीएमसीएच बेतिया में सिर्फ भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और सशक्तिकरण की एक सशक्त पहचान बन चुकी है।


Share:

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy