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BSSC Chairman Alok Raj Resigns in 5 Days | बिहार स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड में भूचाल

06/01/2026  Ravishankar Kumar  243 views

BSSC चेयरमैन आलोक राज का इस्तीफा: पांच दिन में क्या बदल गया?

बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (BSSC) के चेयरमैन एवं बिहार के पूर्व डीजीपी आलोक राज ने कार्यभार संभालने के महज पांच दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि राज्य की भर्ती व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। इस्तीफे की वजह को उन्होंने ‘निजी मामला’ बताया है, लेकिन इतनी कम अवधि में पद ग्रहण कर त्यागपत्र देना स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा करता है।

आलोक राज की छवि एक ईमानदार, कड़े फैसले लेने वाले और तेजतर्रार अधिकारी की रही है। बिहार पुलिस के डीजीपी रहते हुए उन्होंने कई अहम सुधारात्मक कदम उठाए थे। ऐसे में उनके BSSC चेयरमैन बनने से यह उम्मीद जगी थी कि आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और लंबे समय से लग रहे धांधली के आरोपों पर विराम लगेगा। उम्मीदवारों और अभ्यर्थियों के बीच भी यह भरोसा बनने लगा था कि अब शायद भर्ती प्रक्रिया में सुधार देखने को मिलेगा।

लेकिन पांच दिन में ही इस्तीफा देना इस उम्मीद को तोड़ने वाला साबित हुआ। सवाल यह है कि अगर मामला पूरी तरह निजी था, तो क्या यह स्थिति पहले से ज्ञात नहीं थी? नियुक्ति से पहले सारी औपचारिकताएं पूरी होती हैं, तब फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हें इतनी जल्दबाजी में पद छोड़ना पड़ा?

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष ने इसे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने का मौका बना लिया है। उनका कहना है कि यह इस्तीफा दिखाता है कि सरकार न तो सही चयन कर पा रही है और न ही संस्थाओं को स्थिर नेतृत्व दे पा रही है। BSSC पहले ही पेपर लीक, भर्ती में देरी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा रहा है, ऐसे में चेयरमैन का अचानक जाना संस्था की विश्वसनीयता को और कमजोर करता है।

आलोक राज के कार्यकाल से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। माना जा रहा था कि उनके नेतृत्व में आयोग की साख बहाल होगी और भर्ती प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाएगा। मगर अब हालात ऐसे हैं कि अभ्यर्थियों के बीच फिर से निराशा और असमंजस का माहौल बन गया है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस खाली पड़े पद पर किसे नियुक्त करती है और क्या वह व्यक्ति आयोग में सुधार की जिम्मेदारी निभा पाएगा। क्योंकि यदि BSSC की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इसका खामियाजा उन लाखों युवाओं को भुगतना पड़ेगा जो सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे हैं।


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