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Delhi Blast: दिवाली पर बड़े धमाके की थी साजिश, लाल किले ब्लास्ट से खुला आतंकी प्लान — 26 जनवरी को था असली निशाना!

12/11/2025  Rajat Singh  60 views

दिल्ली के लाल किले के सामने हुए कार धमाके (Delhi Blast) को लेकर जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
मुख्य आरोपी मुजम्मिल, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ डॉक्टर था, ने पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने कबूल किया है कि यह हमला मूल योजना का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक “ट्रायल ब्लास्ट” था।

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मुजम्मिल ने बताया कि वह पहले दिवाली के दौरान दिल्ली की भीड़भाड़ वाली जगहों पर धमाका करने की तैयारी में था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के कारण उसे प्लान रद्द करना पड़ा।
इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 26 जनवरी 2026 को लाल किले समेत राजधानी के कई इलाकों में धमाके की नई योजना बनाई थी।

⚠️ Highlights (मुख्य बिंदु):

मुख्य संदिग्ध मुजम्मिल ने किया सनसनीखेज खुलासा।

दिवाली पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमला करने की थी पहली योजना।

प्लान को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया था।

अब पता चला, 26 जनवरी 2026 को दिल्ली में कई जगह धमाकों की बड़ी साजिश थी।

अब तक इस ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत और 23 घायल।

🔎 क्या था धमाके का पूरा प्लान?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मुजम्मिल ने पूछताछ में खुलासा किया कि दिवाली के दौरान उसने दिल्ली के चांदनी चौक, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर, करोल बाग और इंडिया गेट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने का निर्णय लिया था।
परंतु दीवाली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण योजना Abort (रद्द) करनी पड़ी।

इसके बाद उसने अपने साथी उमर, जो उसी विश्वविद्यालय में कार्यरत था, के साथ मिलकर 26 जनवरी को एक “सिम्बोलिक अटैक” की नई योजना बनाई — ताकि “भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक लाल किला” निशाने पर लिया जा सके।

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🚗 लाल किले के सामने हुआ कार धमाका

10 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने खड़ी एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ।
इस ब्लास्ट में 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
धमाके में ANFO (Ammonium Nitrate Fuel Oil) जैसे विस्फोटक का उपयोग किया गया था — यह वही मटेरियल है जो कई बड़े आतंकवादी हमलों में इस्तेमाल हुआ था।

जांच में पाया गया कि कार को GPS Spoofing तकनीक से लैस किया गया था ताकि यह सुरक्षा कैमरों और ट्रैफिक कंट्रोल नेटवर्क से बच सके।

🧠 मुजम्मिल और उमर का नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुजम्मिल और उमर दोनों अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में कार्यरत थे और वहीं से उन्होंने डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड चैनल्स के जरिए संपर्क बनाए।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि वे पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े थे और “प्रोजेक्ट तैमूर” नामक एक मिशन पर काम कर रहे थे।

NIA और दिल्ली पुलिस की टीमों ने विश्वविद्यालय से कई डिजिटल सबूत, लैपटॉप और लैब केमिकल्स जब्त किए हैं।

🧾 जांच एजेंसियों की रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, मुजम्मिल ने पूछताछ में कहा —

> “हम दिवाली पर हमला करने वाले थे, ताकि नुकसान ज्यादा हो। पर हमें डर था कि सुरक्षा एजेंसियां पकड़ लेंगी। तब हमने 26 जनवरी चुना — ताकि लाल किले पर हमला करके बड़ा संदेश दिया जा सके।”

जांच एजेंसियां अब उसके कथित साथियों — राशिद, फैजान, और हामिद — की तलाश कर रही हैं जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

🧩 कौन है मुजम्मिल?

उम्र: लगभग 36 वर्ष

पेशा: वरिष्ठ डॉक्टर, बायो-केमिकल रिसर्च विभाग, अल-फलाह यूनिवर्सिटी

भूमिका: साजिश का मास्टरमाइंड

विशेषता: विस्फोटक मिश्रण तैयार करने और उसे छिपाने में निपुण

संपर्क: उमर, राशिद, फैजान — सभी संदिग्ध वर्तमान में जांच के दायरे में

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🧠 अल-फलाह यूनिवर्सिटी से आतंकी नेटवर्क का लिंक

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से मिले डिजिटल सबूतों में दिखाया गया है कि

मुजम्मिल और उमर ने डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स के जरिए पाकिस्तान स्थित एक समूह से संपर्क किया था।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के भारत में मौजूद अन्य 4 संदिग्धों की तलाश कर रही हैं।

🚨 NIA और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

इस खुलासे के बाद NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, और RAW की टीमें एक साथ सक्रिय हो गई हैं।
दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, खासतौर पर लाल किला, इंडिया गेट, संसद भवन और राजपथ क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से कार के ब्लैक बॉक्स, मेटल पार्ट्स, और विस्फोटक रेज़िड्यू जुटाए हैं, जो आगामी जांच में अहम साबित होंगे।

🧭 राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा —

> “यह साफ संकेत है कि आतंकी समूह दिल्ली में प्रतीकात्मक हमलों की योजना बना रहे थे। 10 नवंबर का ब्लास्ट उसी का ट्रायल रन था। आने वाले महीनों में सुरक्षा तंत्र को और मज़बूत किया जाएगा।”

दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक व्यापक आतंकी साजिश के रूप में सामने आ रही है।
मुजम्मिल और उसके सहयोगियों के कबूलनामे से यह स्पष्ट है कि भारत की राष्ट्रीय राजधानी को एक बार फिर बड़े हमले का निशाना बनाया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस और NIA की टीमें चौकन्नी हैं, और देश के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।


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