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Delhi Terror Blast: जांच के घेरे में अल-फलाह यूनिवर्सिटी, वेबसाइट पर फर्जी मान्यता का दावा; NAAC ने जारी किया नोटिस

13/11/2025  Anish Srivastava  27 views

HighLights

1. अल-फलाह विश्वविद्यालय पर फर्जी NAAC मान्यता दिखाने का आरोप

2. NAAC ने संस्थान को भेजा कारण बताओ नोटिस

3. NIA की छापेमारी में संदिग्ध डायरियां व सीक्रेट कोड बरामद

4. जांच एजेंसियाँ इसे दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल से जोड़कर देख रही हैं

दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार धमाके की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज और अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के रडार पर आ गए हैं।

जांच एजेंसियों को परिसर की तलाशी के दौरान संदिग्ध डायरियां और सीक्रेट कोड मिले हैं, जिनका सीधा संबंध दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल से होने की आशंका जताई जा रही है।

इसी बीच विश्वविद्यालय पर एक और गंभीर आरोप सामने आया है—

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Photo credit -x 

वेबसाइट पर फर्जी NAAC मान्यता का दावा।

📌 NAAC का नोटिस — फर्जी मान्यता का आरोप

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस भेजते हुए कहा है कि संस्थान ने अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर जनता, अभिभावकों और छात्रों को गुमराह किया है।

नोटिस में स्पष्ट लिखा है:

> “अल-फलाह विश्वविद्यालय ने न तो NAAC से मान्यता प्राप्त की है और न ही चक्र–1 (Cycle-1) मूल्यांकन प्रक्रिया में हिस्सा लिया है।

इसके बावजूद उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘A ग्रेड मान्यता’ और विभिन्न कॉलेजों को NAAC द्वारा प्रमाणित बताया गया है, जो पूरी तरह गलत और झूठा दावा है।”

NAAC ने संस्था से पूछा है कि

यह फर्जी मान्यता क्यों दिखाई गई और किस आधार पर यह जानकारी प्रकाशित की गई?

परिषद ने कहा कि इस तरह की गलत जानकारी “पब्लिक ट्रस्ट” को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती है।

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🕵️‍♂️ NIA की छापेमारी — संदिग्ध डायरियां बरामद

दिल्ली ब्लास्ट मामले में NIA ने अल-फलाह परिसर के कमरा नंबर 4 और कमरा नंबर 13 में छापेमारी कर दो डायरियां बरामद कीं।

इन डायरियों में लिखे कोड, नामों और लोकेशन मार्करों की जांच की जा रही है।

एजेंसी जानने की कोशिश कर रही है कि:

क्या यह कोड ब्लास्ट मॉड्यूल के ऑपरेशन प्लान से जुड़े हैं?

क्या परिसर में मौजूद कुछ लोग आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं?

क्या विश्वविद्यालय में ऐसे तत्व छुपे थे जो दिल्ली धमाके की साजिश में शामिल थे?

सूत्रों का दावा है कि डायरियों में लिखे कोड “बड़े नेटवर्क का हिस्सा” होने की ओर इशारा करते हैं।

💣 चार शहरों में धमाके की साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के चार प्रमुख शहरों में धमाके करने की योजना बना रहा था।

हर शहर के लिए अलग-अलग “सेल” तैयार किया गया था।

सूत्रों के अनुसार:

प्रत्येक ग्रुप को एक-एक शहर सौंपा गया था

मॉड्यूल को “डॉक्टर नेटवर्क” कहा जा रहा था, क्योंकि इसमें कई मेडिकल छात्रों और पैरामेडिकल कर्मियों के शामिल होने की आशंका है

दिल्ली ब्लास्ट इसी नेटवर्क की “पहली कार्रवाई” माना जा रहा है

एजेंसियों का मानना है कि अल-फलाह परिसर का इस्तेमाल मिलन-स्थल (meeting point) या लॉजिस्टिक हब के रूप में किया गया हो सकता है।

🧭 जांच का दायरा और बढ़ा

NAAC नोटिस और NIA की छापेमारी के बाद अब जांच एजेंसियाँ विश्वविद्यालय से जुड़े

ट्रस्ट

स्टाफ

हॉस्टल

डिजिटल रिकॉर्ड

प्रशासनिक दस्तावेज

सबकी गहन जांच करने की तैयारी में हैं।

NIA ने आईटी टीम को भी शामिल किया है ताकि लैपटॉप, मोबाइल फोन, CCTV फुटेज और ऑनलाइन चैट्स की जांच की जा सके।

दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है।

अल-फलाह विश्वविद्यालय पर, फर्जी मान्यता, संदिग्ध दस्तावेज, सीक्रेट कोड जैसे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ आतंकी मॉड्यूल तक सीमित नहीं, बल्कि शैक्षिक संस्थान के दुरुपयोग का संकेत भी हो सकता है।

आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि अल-फलाह विश्वविद्यालय

आतंकियों का केंद्र रहा, या कुछ व्यक्तियों द्वारा किया गया दुरुपयोग था।

लेकिन इतना तय है कि दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब और व्यापक, और जटिल, और कई परतों वाली हो गई है।


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