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बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में 117 करोड़ की जब्ती, 46 करोड़ की अवैध शराब बरामद — चुनाव आयोग का बड़ा खुलासा

07/11/2025  Rajat Singh  30 views

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मतदान के साथ-साथ प्रशासनिक सख्ती का भी एक नया रिकॉर्ड बना है। चुनाव आयोग (ECI) ने खुलासा किया है कि मतदान शुरू होने से पहले और मतदान-दिन तक की अवधि में सुरक्षा एजेंसियों ने कुल ₹117 करोड़ रुपये की जब्ती की है।

इनमें नकदी, सोना-चांदी, नशीले पदार्थ और अवैध शराब जैसी वस्तुएं शामिल हैं। विशेष रूप से, केवल मतदान के दिन ही ₹46 करोड़ रुपये की अवैध शराब पकड़ी गई — जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।

🚨 जब्ती का पूरा ब्योरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) विनोद सिंह के अनुसार, चुनाव आयोग की विशेष टीमों, आयकर व एक्साइज डिपार्टमेंट, नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (NCB) और पुलिस बलों ने मिलकर व्यापक अभियान चलाया।

मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

कुल जब्त नकदी: ₹25.6 करोड़

अवैध शराब: ₹46 करोड़

नशीले पदार्थ व ड्रग्स: ₹31 करोड़

सोना-चांदी व अन्य कीमती वस्तुएँ: ₹14.4 करोड़

कुल जब्ती राशि: ₹117 करोड़ से अधिक

ये कार्रवाई मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण, बक्सर, भोजपुर, सीवान, मोतिहारी और पटना जिलों में हुई।

🍾 अवैध शराब की सबसे बड़ी बरामदगी

चुनाव के दौरान शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू था, परंतु विभिन्न जिलों में चलाए गए छापों में ट्रकों, गोदामों और गुप्त ठिकानों से लाखों लीटर शराब बरामद की गई।

मोतिहारी में: एक ट्रक से 12 हजार लीटर विदेशी शराब पकड़ी गई।

बक्सर में: ₹8 करोड़ कीमत की देशी शराब बोतलें मिलीं।

पटना ग्रामीण क्षेत्र: ₹4 करोड़ की शराब ईंटों के ढेर के नीचे छिपाकर रखी गई थी।

दरभंगा, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण में भी बड़ी खेप पकड़ी गई।

 

अधिकारियों के मुताबिक, ये शराबें पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और नेपाल सीमा से तस्करी कर लाई जा रही थीं।

 

🧭 चुनाव आयोग की कार्रवाई और सतर्कता

चुनाव आयोग ने इस बार निगरानी को तकनीकी रूप से और भी मजबूत किया।

24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए।

सभी जिलों में Flying Squads और Static Surveillance Teams (SST) की संख्या बढ़ाई गई।

ड्रोन कैमरे और GPS-सिस्टम से वाहनों पर नजर रखी गई।

सीमा इलाकों में BSF और Sashastra Seema Bal (SSB) को सक्रिय किया गया।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह ने कहा —

> “यह कार्रवाई यह साबित करती है कि बिहार में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है। किसी भी कीमत पर काले धन या अवैध संसाधनों को मतदान पर प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।”

⚖️ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ

इन जब्तियों के साथ-साथ पुलिस ने 3,100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें से 700 से अधिक लोग सीधे शराब तस्करी से जुड़े थे।

45 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।

कई गैरकानूनी गोडाउन और डिस्टिलरी फैक्ट्रियां सील की गईं।

 

बिहार सरकार ने निर्देश दिया है कि इन मामलों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए ताकि चुनाव के दौरान अवैध धन और शराब का प्रभाव पूरी तरह रोक जाए।

🧩 राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की प्रतिक्रिया भी आई है।

महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) ने कहा कि “इतनी बड़ी जब्ती साबित करती है कि शासन व्यवस्था कमजोर पड़ी है।”

वहीं एनडीए ने जवाब दिया कि “इतनी बड़ी जब्ती ही यह दिखाती है कि सरकार ने कार्रवाई तेज की है और कानून व्यवस्था सख्त है।”

राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि इतनी बड़ी अवैध शराब जब्ती मतदान की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने का मजबूत संकेत है।

📈 संदेश और निष्कर्ष

बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में 117 करोड़ रुपये की जब्ती और 46 करोड़ की अवैध शराब पकड़े जाने की घटना यह साबित करती है कि प्रशासनिक सतर्कता अब पहले से काफी अधिक मजबूत हुई है।

यह सिर्फ़ एक संख्या नहीं बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता का प्रतीक है।अगर आने वाले चरणों में भी इसी तरह की निगरानी और सख्ती बनी रही, तो यह चुनाव वास्तव में देश के सबसे पारदर्शी चुनावों में से एक माना जाएगा।


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